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मेरे बाबा, जिनके प्रभाव में मैं बड़ा हुआ, एक रूढ़िवादी आर्य समाजी हैं. एक आर्य समाजी और कुछ भी हो, नास्तिक नहीं होता. अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद मैंने डी. ए. वी. स्कूल, लाहौर में प्रवेश लिया और पूरे एक साल उसके छात्रावास में रहा. वहाँ सुबह और शाम की प्रार्थना के अतिरिक्त मैं घण्टों गायत्री मंत्र जपा करता था. उन दिनों मैं पूरा भक्त था. बाद में मैंने अपने पिता के साथ रहना शुरू किया. जहाँ तक धार्मिक रूढ़िवादिता का प्रश्न है, वह एक उदारवादी व्यक्ति हैं. उन्हीं की शिक्षा से मुझे स्वतन्त्रता के ध्येय के लिये अपने जीवन को समर्पित करने की प्रेरणा मिली. किन्तु वे नास्तिक नहीं हैं. उनका ईश्वर में दृढ़ विश्वास है. वे मुझे प्रतिदिन पूजा-प्रार्थना के लिये प्रोत्साहित करते रहते थे. इस प्रकार से मेरा पालन-पोषण हुआ.
जब मनुष्य अपने सभी दोस्तों द्वारा विश्वासघात और त्याग देने से अत्यन्त क्लेष में हो, तब उसे इस विचार से सान्त्वना मिल सकती हे कि एक सदा सच्चा दोस्त उसकी सहायता करने को है, उसको सहारा देगा और वह सर्वशक्तिमान है और कुछ भी कर सकता है. वास्तव में आदिम काल में यह समाज के लिये उपयोगी था. पीड़ा में पड़े मनुष्य के लिये ईश्वर की कल्पना उपयोगी होती है. समाज को इस विश्वास के विरुद्ध लड़ना होगा. मनुष्य जब अपने पैरों पर खड़ा होने का प्रयास करता है और यथार्थवादी बन जाता है, तब उसे श्रद्धा को एक ओर फेंक देना चाहिए और उन सभी कष्टों, परेशानियों का पुरुषत्व के साथ सामना करना चाहिए, जिनमें परिस्थितियाँ उसे पटक सकती हैं. यही आज मेरी स्थिति है. यह मेरा अहंकार नहीं है, मेरे दोस्त! यह मेरे सोचने का तरीका है, जिसने मुझे नास्तिक बनाया है.
व्यवसायिक एवं प्रबन्धकीय नीतियाँ (Business and managerial policies) व्यावसायिक एवं प्रबन्धकीय नीतियों का ढाँचा व प्रारूप व्यावसायिक पर्यावरण को प्रभावित करने वाले तत्वों में से एक है। यदि व्यावसायिक एवं प्रबन्धकीय नीतियाँ केवल व्यावसायिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बनार्इ गयी हैं, जिसमें संगठन में हित रखने वाले अन्य पक्षकारों को महत्व नहीं दिया गया है, तो ऐसी नीतियाँ दीर्घकाल तक सफल नहीं हो पाती हैं। इसके विपरीत यदि ऐसी नीतियाँ संगठन में हित रखने वाले समस्त पक्षकारों के हितों को ध्यान में रखकर बनायी गयी हैं, तो सम्भव है, वे अल्पकाल में उतनी सफल न हों, परन्तु दीर्घकाल में निश्चित रूप से सफल होंगी।
इतना तो आप कभी भी बहुत मेहनत की है कि बिना सामग्री है और इतना कमा आगंतुकों को आसानी से पता चल जाएगा कारण बहुत सरल है जब मुझे लगता है कि मैं एक सामग्री प्रतियोगिता इसी तरह की सामग्री है कि क्या वे ऊपर या मुझे नीचे उन खोजों मैं मैं देख रहा हूँ पर क्या कर रहे हैं देखो क्या सामग्री है और वे प्रतियोगिता का विश्लेषण करती है, तो मैं देख रहा हूँ, क्योंकि हर कोई अपने प्रतियोगिता हर कोई देखता है, तो मैं एक और प्रतिस्पर्धा मिल
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