पहला कदम बहुत सारे शोध करना है। मैं मात्रात्मक शोध, संख्याओं और प्रश्नावली के आवेदन के बारे में बात नहीं कर रहा हूं। लेकिन गुणात्मक शोध, किसी के आधार पर विपणन परियोजना। संक्षेप में, अपने उत्पादों या सेवाओं के भविष्य के उपयोगकर्ताओं से बात करें। अपने दर्द और सपनों को समझें क्योंकि उन्हें प्रतिस्पर्धा द्वारा खराब सेवा दी जाती है और उन्हें प्रभावित करते हैं।
अंत में, हमेशा क्लाइंट के ब्रांडिंग डाक्यूमेंट्स की कॉपी मांगना याद रखें (यदि उनके पास एक है)। इसमें वेक्टर या हाय-रेज प्रारूप, लोगो उपयोग दिशानिर्देशों में उनके लोगो को भी शामिल करना चाहिए और उन्हें उन फ़ॉन्ट्स की कॉपी देने के लिए कहें जिन्हें वे उपयोग करते हैं क्योंकि अगर वे खरीदे गए हैं या उनके लिए इसे अनुकूलित किया गया है तो उन्हें स्वतंत्र रूप से प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है (लेकिन ध्यान दें कि आपको इसे अपने डिजाइन के अलावा किसी अन्य चीज़ के लिए उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि कई फोंट कॉपीराइट किए गए हैं)
इन दोनों ही अवस्थाओं में वह सच्चा नास्तिक नहीं बन सकता. पहली अवस्था में तो वह अपने प्रतिद्वन्द्वी के अस्तित्व को नकारता ही नहीं है. दूसरी अवस्था में भी वह एक ऐसी चेतना के अस्तित्व को मानता है, जो पर्दे के पीछे से प्रकृति की सभी गतिविधियों का संचालन करती है. मैं तो उस सर्वशक्तिमान परम आत्मा के अस्तित्व से ही इनकार करता हूँ. यह अहंकार नहीं है, जिसने मुझे नास्तिकता के सिद्धान्त को ग्रहण करने के लिये प्रेरित किया. मैं न तो एक प्रतिद्वन्द्वी हूँ, न ही एक अवतार और न ही स्वयं परमात्मा. इस अभियोग को अस्वीकार करने के लिये आइए तथ्यों पर गौर करें. मेरे इन दोस्तों के अनुसार, दिल्ली बम केस और लाहौर षड़यंत्र केस के दौरान मुझे जो अनावश्यक यश मिला, शायद उस कारण मैं वृथाभिमानी हो गया हूँ.

कानूनी वातावरण (Legal environment) कानूनी वातावरण का निर्माण देश द्वारा समाज के आर्थिक एवं सामाजिक लक्ष्यों, विचारधाराओं तथा मूल्यों के आधार पर निर्धारित होता है। विकासोन्मुखी व कल्याणकारी राज्य में उपभोक्ताओं, निर्धनों, बेरोजगारों, महिलाओं, बूढ़ों तथा अन्य जरूरतमन्द लोगों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधान किये जाते हैं। इसके लिए सरकार विभिन्न अधिनियमों एवं नियमों के माध्यम से व्यवसाय का संचालन करती है। अत: व्यवसाय भी इन्हीं परिसीमाओं के मध्य संचालित होता है। इस सम्बन्ध में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री आर्थरलेविस का कहना है कि ‘‘सरकार का व्यवहार आर्थिक क्रियाओं के प्रोत्साहन एवं हतोत्साहन द्वारा भी व्यवसाय की दिशा व दशा तय करने में महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करने वाला तत्व है।

| project id=SourceComputerId, displayName=Computer, sourceComputerId=SourceComputerId, scopedToUpdatesSolution=true, missingCriticalUpdatesCount=coalesce(missingCriticalUpdatesCount, -1), missingSecurityUpdatesCount=coalesce(missingSecurityUpdatesCount, -1), missingOtherUpdatesCount=coalesce(missingOtherUpdatesCount, -1), compliance=coalesce(compliance, 4), lastAssessedTime, lastUpdateAgentSeenTime, osType=1, environment=iff(ComputerEnvironment=~"Azure", 1, 2), ComplianceOrder=coalesce(ComplianceOrder, 2)
हमारा GeoDNS नेटवर्क रणनीतिक रूप से उच्च वेब ट्रैफिक वाले भौगोलिक स्थानों के निकट रखा गया है।हम हमेशा अपने नेटवर्क की लगातार निगरानी और विस्तार करते रहते हैं क्योंकि निश्चित क्षेत्रों में हमेशा ट्रैफिक में वृद्धि होती जाती है।23 महाद्वीपों पर 6 Anycast DNS डेटा केंद्रों के साथ आपके उपयोगकर्ता अपने प्रश्नों का जवाब उनके स्थान के नज़दीक से जितना संभव हो सके हल कर पाएंगे।

इस समस्या को जोड़ने के लिए आम तौर पर ग्राहकों के पास कल्पना और क्रिएटिव बैकग्राउंड नहीं है जो कि उनके मन में सफलतापूर्वक व्याख्या करने में सक्षम होने के लिए आवश्यक है, इसलिए यह वास्तविक आवश्यकताओं की पूरी समझ प्राप्त करने में डिजाइनर पर निर्भर है और पूरी तरह भरोसा नहीं करता है ग्राहक आपको क्या देता है क्योंकि वे सीधे प्रश्नों का सही उत्तर देने में सक्षम नहीं होंगे।
You don't have permission to access /%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%A3%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-(%E0%A4%91%E0%A4%A8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8)/USA/Benedictine-University/ on this server.
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि, रंगीन आवश्यकताओं को निर्धारित करने के विश्वसनीय साधन के रूप में किसी वेबसाइट डिज़ाइन के प्रिंट-आउट पर भरोसा न करें। प्रिंट और स्क्रीन रंग काफी अलग हैं और इन्हें इस तरह माना जाना चाहिए। अधिकांश ब्रांड दिशानिर्देश (नीचे) न केवल प्रिंट रंग (CMYK) को निर्देशित करेंगे, बल्कि स्क्रीन रंगों (हेक्साडेसिमल या RGB) के बारे में सटीक विवरण भी निर्देशित करेंगे।
व्यवसाय का शाब्दिक अर्थ मनुष्य को व्यस्त रखने वाली क्रियाओं से है। एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि व्यवसाय में उन्हीं मानवीय आर्थिक क्रियाओं को शामिल किया जाता है जो समाज की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए की जाती है। खेलना-कूदना, खाना-पीना, यात्रा करना, विश्राम करना जैसी अनार्थिक क्रियाओं को व्यवसाय में शामिल नहीं किया जाता। मैकनॉटन ( Mc Naughton) के शब्दों में, “व्यवसाय शब्द से तात्पर्य, पारस्परिक हित के लिए वस्तुअुओं, मुद्रा अथवा सेवाओं के विनियम से है।” व्यवसाय को परिभाषित करते हएु उर्विक ( Urwick) का कहना है, “यह एक ऐसा उपक्रम है जो समुदायों की आवश्यकता की पूर्ति हेतु वस्तुओं या सेवाओं का निर्माण, वितरण तथा इन्हें उपलब्ध कराता है।” व्यवसाय को परिभाषित करते हुए एल.एच. हैने (L.H. Haney) ने लिखा है, “व्यवसाय से तात्पर्य उन मानवीय क्रियाओं से है जो वस्तुओं के क्रय-विक्रय द्वारा धन उत्पादन या धन प्राप्ति के लिए की जाती है।”

बिक्री के बाद, उनके इनबाउंड मार्केटिंग काम अभी खत्म नहीं हुआ है। याद रखें कि मैंने Google पर उठाए जाने वाले लोगों और मित्रों को "दर्द" महसूस करते समय क्या कहा था? ये दोस्त सिर्फ आपके वर्तमान ग्राहक हो सकते हैं जो आपके बारे में अच्छी तरह से या बीमार हो सकते हैं। इसलिए आपको यह दिखाने की ज़रूरत है कि उसने आपके ग्राहक को चालू करते समय सही निर्णय लिया था।


आप अपनी वेबसाइट को फिर से डिजाइन क्यों कर रहे हैं? कुछ मामलों में आपका कार्य एक नया निर्माण करने के बजाय वेबसाइट को फिर से डिजाइन करना होगा, और इस मामले में इस रीडिज़ाइन के कारण को समझना बहुत महत्वपूर्ण है, क्या उनमे नई सुविधाएं जोड़ रहे हैं? क्या उन्होंने ब्रांडिंग बदल दी है? कारण जानने से आपको ऐसी किसी भी गलतियों से बचने में मदद मिलेगी, जिससे आप ऐसी सुविधा को हटा सकते हैं जो वास्तव में डिज़ाइन फ़ेसलिफ्ट का कारण हो।
3. नियोजन आधारों एवं मान्यताओं की स्थापना- नियोजन प्रक्रिया का अगला चरण उसके आधारों की स्थापना करना है। नियोजन आधारों से आशय ऐसी मान्यताओं से है जो योजनाओं के क्रियान्वयन का वातावरण निर्मित करती हैं। इनमें विभिन्न पूर्वानुमानों, आधारभूत नीतियों तथा कम्पनी की विद्यमान योजनाओं आदि को सम्मिलित किया जाता है। नियोजन के आधारों को पूर्वानुमान भी कहा जा सकता है। ये आधार संस्था के आन्तरिक वातावरण जैसे-विक्रय की मात्रा, उत्पादन वित्त, श्रमिक, योग्यता, प्रबन्धकीय कुशलता आदि से संबंधित हो सकते हैं। ये आधार नियंत्रण-योग्य अथवा अनियंत्रण-योग्य हो सकते हैं, अत: पूर्वानुमान की वैज्ञानिक पद्धतियों व प्रवृत्ति विश्लेषण द्वारा उन्हें ज्ञात करना चाहिए। नियोजन की मान्यताएँ स्पष्ट व व्यापक होना चाहिए तथा इनकी जानकारी नियोजन से सम्बन्धित अधिकारियों को दे देनी चाहिए।
आपको विशेष रूप से यह जानने में दिलचस्पी होनी चाहिए कि वे जो उदाहरण देते हैं उन्हें वे कितने अंक पसंद करते हैं या नापसंद करते हैं; एक मामले में वे सिर्फ रंगों को पसंद करते हैं और दूसरे में एक विशिष्ट घटक, और तीसरे में फोंट, ... आदि। ऐसी सूची का त्वरित विश्लेषण करने से आपको एक सामान्य विचार बनाने में मदद मिलेगी कि किस दिशा में आगे बढ़ना है और किस से बचें।
वैधानिक घटक के अन्तर्गत देश में व्यवसाय एवं समाज के हित में चलाये जा रहे विभिन्न नियम अधिनियम, सरकारी गजट, आदि आते हैं, जबकि न्यायिक घटक के अन्तर्गत व्यवसाय एवं समाज के हितों की रक्षा के लिए विवादों का समाधान करने के उपरान्त विभिन्न न्यायालयों द्वारा दिये गये निर्णय शामिल होते हैं। वैधानिक एवं न्यायिक घटक के अन्तर्गत मुख्यत: व्यावसायिक, औद्योगिक व श्रम सन्नियम शामिल होते हैं व प्रशासन व्यवस्था, व्यावसायिक, औद्योगिक व श्रम अधिनियम या सन्नियम के अन्तर्गत सरकार द्वारा समय-समय पर पारित अधिनियम जैसे - भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act), 1872, भारतीय कम्पनी अधिनियम (Indian Companies Act), 1956; वस्तु विक्रय अधिनियम (Sales of Goods Act), 1930, भारतीय साझेदारी अधिनियम (Indian Partnership Act),1932, उद्योग विकास एवं नियमन अधिनियम (Industry Development and Regulation Act), 1951, एकाधिकार एवं प्रतिबंधित व्यापार व्यवहार अधिनियम (MRTP Act 1969), प्रतिभूति प्रसंविदा नियमन अधिनियम (Securities Contract Regulation Act), 1956; भारतीय कारखाना अधिनियम (Indian Factories Act), 1948; औद्योगिक विवाद अधिनियम (Industrial Dispute Act), 1947; कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, (Workmans Compensation Act), 1923; मजदूरी भुगतान अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम, व्यापार एवं वस्तु चिन्ह अधिनियम आदि प्रमुख हैं जो देश की व्यावसायिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने में सहायता करते हैं।

सुषमा स्वराज विदेश मंत्रालय ओर टेलीकम्यूनिकेशन कंसल्टेंट इंडिया (टीसीआईएल) के बीच ई.. वीबीएबी नेटवर्क परियोजना के लिये समझौता पर हस्ताक्षर के अवसर पर बोल रही थी। इस परियोजना के दूसरे चरण के तहत अफ्रीका में टेली एजुकेशन :ई विद्यार्थी: और टेली मेडिसिन (ई आरोग्य भारती) सुविधा पर जोर दिया जा रहा है। इस अवसर पर संचार मंत्री मनोज सिन्हा और कई अफ्रीकी देशों के राजनयिक मौजूद थे। विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार ने अफ्रीका को भारत की विदेश नीति में प्राथमिकता में रखा है और यह कार्यो से स्पष्ट होता है। पिछले चार वर्षो में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपि और प्रधानमंत्री के स्तर पर 26 यात्रााएं हुई हैं। इसके अलावा 18 नये रेसिडेंट मिशन स्थापित किये गए हैं। 

टाटा मोटर्स को लगातार नए ऑर्डर मिले रहे हैं। कंपनी पर ऑर्डर के मुताबिक सही समय पर वाहन के उत्पादन का दबाव है। टाटा मोटर्स प्रबंधन ने कई विभागों को आउटसोर्स करने की रणनीति बनाई है। जो विभाग या सेक्शन आउटसोर्स होंगे, वहां के कर्मचारियों को असेंबली लाइन में भेज दिया जाएगा। ऑफिस स्टाफ को भी असेंबली लाइन भेजा जा सकता है। उनके कामकाज को आउटसोर्स व्यवस्था के तहत चलाया जाएगा। अनौपचारिक बातचीत में टाटा मोटर्स के अधिकारी कहते हैं कि उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है। जिन कर्मचारियों को दूसरे विभागों में भेजा जा रहा है, वे लोग प्रबंधन के आदेश से तनिक असहमत हैं। मगर किसी तरह का विरोध नहीं है।
न्यायिक घटक के अन्तर्गत देश या समाज की ऐसी व्यावसायिक गति- विधियाँ जो समाज के हित में न्यायालय के हस्तक्षेप द्वारा समय-समय पर निण्र्ाीत की गयी हों, शामिल किये जाते हैं। ये न्यायिक घटक तभी लागू होते हैं, जब वैधानिक घटक किसी व्यावसायिक समस्या को हल करने में सक्षम होता है। न्यायिक घटक भविष्यलक्षी प्रकृति के होते हैं अर्थात् एक बार निर्णय हो जाने पर समान वाद (sue) समस्या पर भविष्य में वही निर्णय लागू होते हैं। व्यावसायिक वातावरण वैधानिक एवं न्यायिक घटक के अधीन एवं नियन्त्रण में संचालित होता हैं। कोर्इ भी व्यवसाय इसका उल्लंघन नही कर सकता है। इस प्रकार वैधानिक एवं न्यायिक घटक किसी समाज के व्यवसाय का अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं निर्धारक घटक होता है। 

व्यवसाय के आन्तरिक वातावरण की जानकारी (Understanding Internal environment of business) किसी भी व्यवसाय के उद्देश्य की प्राप्ति हेतु आवश्यक होता है कि यह व्यवसाय प्रबन्धकों द्वारा बनायी गयी नीतियों एवं निर्देशों के अनुरूप संचालित हो। अत: व्यवसाय के पूर्वानुमान की नीतियों, लक्ष्यों, साधनों, योजनाओं, व्यूहरचनाओं आदि की जानकारी के साथ-साथ इनमें हो रहे परिवर्तनों की भी जानकारी व्यवसाय (प्रबन्ध तन्त्र या स्वामी) के लिए अत्यन्त आवश्यक होती है। अत: व्यावसायिक वातावरण में हो रहे नित नये परिवर्तन की जानकारी के लिए संगठनों द्वारा विकसित एवं आधुनिकतम प्रबन्धन सूचना प्रणाली (Management Informationsystem) का सहारा लिया जाता है।


आप लोगों को अपनी साइट को खोजने के लिए चाहते हैं, आप यह खोज इंजन के साथ सूचीबद्ध हो की जरूरत है। एसईओ अपनी वेबसाइट अधिक खोज इंजन है, जो उन्हें श्रेणीबद्ध करना और प्रासंगिक खोज परिणामों में प्रदर्शित मदद करता है के लिए 'दोस्ताना' करने की प्रक्रिया है। आपकी साइट को अनुकूलित अपनी ऑर्गेनिक खोज परिणाम रैंकिंग में सुधार कर सकते हैं, अपने व्यापार को आसान बनाने जब संभावित ग्राहकों को अपने व्यवसाय से संबंधित उत्पादों और सेवाओं के लिए खोज खोजने के लिए।
×